दो भाइयों की प्रेरणादायक कहानी

दो भाइयों की प्रेरणादायक कहानी

 यह कहानी है, एक छोटे से गांव के रहने वाले दो भाईयों कि जिनमें बड़ा भाई बुद्धिमान होने के साथ-साथ व्यापार संभालता लेकिन छोटा भाई मूर्ख होने के साथ-साथ आलसी बस इधर-उधर घूमकर अपना समय बर्बाद करता था।


बड़ा भाई उसे बहुत समझाने कि कोशिश करता किन्तु असफल हो जाता । छोटा भाई उसके बातों को एक नहीं मानता था और छोटा भाई दिन ब दिन आलसी व अधिक खर्च करता था, खर्च करने का सारा पैसा बड़े भाई से लिया करता। जिस कारण बड़ा भाई बहुत परेशान रहता था।


जैसे-जैसे समय बीतने के बाद छोटा भाई विवाह योग्य हो गया।

बड़ा भाई सोचने लगा कि क्यों न छोटा भाई का विवाह कर दिया जाए, जिससे एक नयी जिन्दगी की शुरुआत करें व कार्य करना सीख जाये। यह सोचकर छोटा भाई का विवाह कर दिया गया। किन्तु छोटा भाई मूर्ख व आलसी था।

उसे परिवार संभालना नहीं आता और न ही खेती में काम करना। 

छोटा भाई जब अपने परिवार संभालने का खर्च का पैस मांगने अपने बड़े भाई के पास गया तो पैसे देने से मना कर दिया और उसे आत्मनिर्भर बनने के लिए बोला।


इसे भी पढ़ें- सभी हिन्दी कहानियां


छोटा भाई परेशान होने लगा कि मुझे न ही खेतों में काम करना और न ही व्यापार करना आता है।

छोटा भाई रोने लगा काश मैं अपने बड़े भाई का बात मान लिया होता और अपने बड़े भाई का व्यापार में मदद करता तो आज ये दिन देखने को नहीं मिलता, उसे अपने गलती का पछतावा होने लगा। 

तभी उसके बड़े भाई आया और अपने छोटे भाई को समझाया फिर बड़े भाई अपने साथ छोटे भाई को व्यापार में मदद व काम सिखाने के लिए ले गया।

कुछ दिन बाद छोटा भाई काम सीख गया और दोनों भाई एकसाथ व्यापार करने लगे।

दो भाइयों की प्रेरणादायक कहानी


सीख- आलस्य ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।

 

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट